10+ Republic Day Speech in Hindi | गणतंत्र दिवस भाषण 2020

क्या आप गणतंत्र दिवस पर छोटा सा भाषण स्कूल के लिए पढना चाहते हैं? | Do you want to read a short speech for Republic Day in school  ?

26 जनवरी गणतंत्र दिवस भाषण | 26 January Day Speech in Hindi 2020

क्या अध्यापकों या छात्रों के लिए छोटा भाषण का नमूना आप पढना चाहते हैं? | Do you want to read a short speech  for teachers or students?



republic day 2020

Get Free Republic Day short/long Speech in Hindi 2020 / Speech for Republic day in Hindi for teachers and students 

बधाई संदेश

जो बात लबों पर है,वही हृदय के ईमान में हो
जितनी बार अपना जन्म हो,उतनी बार हिंदुस्तान में हो


आप सभी सम्मानित मित्रों को 71वें गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं,दुआ है आप सभी सदैव खुशहाल रहें और आपका प्रत्येक कदम राष्ट्र को उन्नति की तरफ लेकर जाए।आप सभी सदैव सशक्त रहें,आजाद रहें,निर्भीक रहें,हर तरह के बन्धनों से मुक्त रहे,व्यस्त रहें,आश्वस्त रहें,स्वस्थ रहें,ऊर्जावान रहें ।

 आप वैभवशाली रहकर अपने राष्ट्र को समृद्ध बनाने में अपना अतुलनीय योगदान दें।आपकी आने वाली किसी भी पीढ़ी को कभी गुलामी का,गरीबी का,अभावों का,जीवन में अव्यवस्था का,अन्य किसी चीज की कमी का सामना ना करना पड़े।आप सदैव हमेशा की तरह देशभक्त बने रहें व भारत को विश्वगुरु बनाने में अपना सहयोग करें।आप सभी का प्रत्येक क्षण सर्वोत्तम हो,उज्ज्वल हो,प्रकाशित हो,कामयाब हो,मंगलकारी हो।

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भारत माता की जय

गणतंत्र दिवस से जुड़ी कुछ खास बातें

1. भारतीय संविधान को बनने में कुल 2 साल, 11 महीने और 18 दिन का समय लगा था।

2. 26 जनवरी 1950 को पहला गणतंत्र दिवस मनाया गया था। इस दिन डॉ राजेंद्र प्रसाद ने गवर्नमेंट हाउस के दरबार होल में भारत के पहले राष्ट्रपति की शपथ ली थी।

3. इस गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि इंडोनेशिया के राष्ट्रपति Sukarno थे।

4.1955 से गणतंत्र दिवस समारोह राजपथ पर होने लगा और साथ ही सेना की परेड भी।

5. राजपथ पर तिरंगा फहराया जाता है। उसके बाद राष्ट्रीय गान गाकर 21 तोपों की सलामी दी जाती है।

6. हमारे संविधान में लगभग 465 अनुच्छेद, 12 अनुसूचियां हैं और सभी 22 भागों में विजाभित है। पहले इसमें 395 अनुच्छेद और 8 अनुसूचियां थी जो 22 भागों में विभाजित था।

नीचे गिराने को भारत को,करता हर कोई षडयंत्र है
पर ध्यान रहे मेरे दोस्तों, विश्व में सबसे अद्भुत हमारा गणतंत्र है
नीरज रतन बंसल'पत्थर'

हम सभी को भारत का नागरिक होने का गर्व है। प्रतिवर्ष 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में हमारे देश भारत में मनाया जाता है। इस महान दिन को ना सिर्फ भारत में रहने वाले भारतीय बल्कि

विश्व के कोने कोने में रहने वाले भारतवासी उत्साह के साथ मनाते हैं।

इसी दिन 26 जनवरी 1950 (26 January 1950) को भारत एक प्रजातांत्रिक गणतंत्र देश बना था क्योंकि इसी दिन भारत का संविधान पारित हुआ था। हर भारतीय हर साल इस दिन को ख़ुशियों के साथ मनाते हैं और देश
के स्वतंत्रता सेनानियों को सम्मान देते हैं। हर भारतीय के जीवन के लिए यह दिन बहुत महत्व रखता है। पूरे भारत में हर जगह इस दिन को उत्साह के साथ लोग मनाते हैं।

आज हम इस आर्टिकल में हमने आपको गणतंत्र दिवस 2020 के लिए भाषण का एक सुंदर नमूना पेश किया है जिसे विद्यार्थी या अध्यापक गणतंत्र दिवस के उपलक्ष पर अपने स्कूल या अन्य कार्यक्रम के भाषण के लिए मदद ले सकते हैं। आप चाहें तो इस गणतंत्र दिवस के भाषण मैं अपने अनुसार कुछ बदलाव करके भी पेश कर सकते हैं।
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26 जनवरी गणतंत्र दिवस पर भाषण, अध्यापकों के लिए | 26 JANUARY SPEECH IN HINDI FOR TEACHERS 2020


सबसे पहले आप सभी को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। माननीय प्रिंसिपल, महोदय अध्यापकगण और मेरे प्रिय छात्रों, आज हम सभी यहां गणतंत्र दिवस को उत्साह के साथ मनाने के लिए एकत्र हुए हैं।
  • आज हम साल 2020  में हमारे देश भारत का 71वा गणतंत्र दिवस मनाने जा रहे हैं। आज के इस महान उपलक्ष पर सबसे पहले मैं अपने महान निडर भारतीय सैनिकों को सलाम करना चाहता हूं जो दिन रात अपने जीवन पर खेलकर भारत की सुरक्षा करते हैं।
  • आज के दिन के महत्व को हर भारतीय को समझना बहुत ही आवश्यक है। इससे हम आने वाली पीढ़ी को भी समझा पाएंगे की गणतंत्र दिवस हमारे जीवन में क्या मूल्य और महत्व है। आज मुझे बहुत खुशी है कि मैं आप सबके समक्ष इस महान उपलक्ष पर अपने कुछ शब्द आप सबके सामने रख पाऊंगा।
  • मुझे अपने भारतीय होने पर गर्व है। 26 जनवरी 1950 को भारतीय संविधान पारित हुआ था। उसी दिन भारत को एक गणतंत्र देश के रूप में माना गया। गणतंत्र का अर्थ होता है लोगों द्वारा चलाए जाने वाले देश। यानी कि एक ऐसा देश जहां लोगों का निर्णय ही सर्वोपरि होता है। आज भारत में हर कोई नेता लोगों द्वारा ही चुनाव के माध्यम से बनाए जाते हैं। यानी कि एक ऐसा देश जो तानाशाहों से मुक्त है।
  • जैसे की हम सब जानते हैं 15 अगस्त 1947 को हमारा देश स्वतंत्र हुआ था और उसके बाद 26 जनवरी 1950 को डॉ भीमराव अंबेडकर  की मदद से भारत को एक मजबूत संविधान प्राप्त हुआ। उसी दिन के बाद से 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में उत्साह के साथ मनाया जाता रहा है।यह दिन मात्र अपने मित्रों, रिश्तेदारों और परिवार के लोगों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देने का नहीं है बल्कि यह वह दिन है जब हमें गणतंत्र दिवस के महत्व को समझना चाहिए और हर किसी के साथ साझा करना चाहिए। अंत में मेरा आप सभी से यह निवेदन है कि चलो साथ मिलकर कुछ ऐसा करें कि हम अपने देश को सफलता की ऊंचाई पर ले चलें।
आप सभी को दोबारा मेरी तरफ से इस गणतंत्र दिवस पर हार्दिक शुभकामनाएं।

जय हिंद जय भारत

26 जनवरी गणतंत्र दिवस भाषण | SPEECH ON REPUBLIC DAY IN HINDI FOR STUENTS AND CHILDRENS (26 JAN 2020 SPEECH)

Republic day

प्यारे बच्चों आज मैं आपको 26 जनवरी पर भाषण देने जा रहा हूं। यह भाषण आप अपने स्कूल कॉलेज में इस्तेमाल कर सकते हैं। आपको पसंद आएगा |

तो एक सुनियोजित स्पीच कैसी हो? आइए, जानते हैं कि आप स्पीच में क्या बातें बोल सकते हैं -

मंच पर पहुंचकर आप सबसे पहले तो सभा में उपस्थित सभी लोगों का अभिवादन करें, अपना परिचय दें, अपना नाम तथा आप कौन-सी कक्षा में पढ़ते हैं, यह बताएं। अपने स्वयं के स्कूल के अलावा

यदि किसी अन्य आयोजन में बोल रहे हैं तो अपने विद्यालय या कॉलेज का नाम भी बताएं। सभी को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दें। अपनी क्लास टीचर व प्रिंसिपलया आयोजनकर्ता का

धन्यवाद करें जिन्होंने इस महान अवसर पर आपको मंच पर आकर अपने देश के बारे में कुछ बोलने का मौका दिया।

गणतंत्र दिवस भाषण | Speech on Republic day in Hindi - 1


आदरणीय प्रिंसिपल सर, सभी शिक्षकगण, सहपाठियों और अभीभावकों को मेरा नमस्कार। मैं आप सभी का हार्दिक अभिनन्दन करता हूँ। मेरा नाम…..है. मैं कक्षा… में अध्ययन करता हूं। आज हम सभी
  • “गणतंत्र दिवस” मनाने के लिए यहाँ एकत्रित हुए हैं। हमारे देश में यह 26 जनवरी के दिन मनाया जाता है। 
  • आज, हम राष्ट्र के 71वें गणतंत्र दिवस को मनाने के लिये हम सभी यहाँ पर एकत्रित हुए हैं। हम सभी के लिये ये एक महान और शुभ अवसर है। हमें एक-दूसरे को बधाई देना चाहिये और अपने राष्ट्र के विकास और समृद्धि के लिये भगवान से दुआ करनी चाहिये। हर वर्ष 26 जनवरी को भारत में हम गणतंत्र दिवस मनाते हैं क्योंकि इसी दिन भारत का संविधान लागू हुआ था। हमलोग 1950 से ही लगातार भारत का गणतंत्र दिवस मना रहें हैं क्योंकि 26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान लागू हुआ था।


  • भारत एक लोकतांत्रिक देश है जहां देश के नेतृत्व के लिये अपने नेता को चुनने के लिये जनता अधिकृत है। डॉ राजेन्द्र प्रसाद भारत के पहले राष्ट्रपति थे। 1947 में ब्रिटिश शासन से जब से हमने स्वतंत्रता प्राप्त की है, हमारे देश ने बहुत विकास किया है और ताकतवर देशों में गिना जाने लगा है। विकास के साथ, कुछ कमियाँ भी खड़ी हुई हैं जैसे असमानता, गरीबी, बेरोज़गारी, भ्रष्टाचार, अशिक्षा आदि। अपने देश को विश्व का एक बेहतरीन देश बनाने के लिये समाज में ऐसे समस्याओं को सुलझाने के लिये हमें आज प्रतिज्ञा लेने की जरुरत है।
धन्यवाद, जय हिन्द!

गणतंत्र दिवस भाषण | Speech of Republic day in Hindi - 2

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आदरणीय प्रिंसिपल सर, सभी शिक्षकगण, सहपाठियों और अभीभावकों को मेरा नमस्कार। मैं आप सभी का हार्दिक अभिनन्दन करता हूँ। मेरा नाम…..है. मैं कक्षा… में अध्ययन करता हूं। आज हम सभी

“गणतंत्र दिवस” मनाने के लिए यहाँ एकत्रित हुए हैं। हमारे देश में यह 26 जनवरी के दिन मनाया जाता है।

  • इस वर्ष हम अपना 71 वाँ गणतंत्र दिवस मना रहे हैं। भारत में कानून का राज्य स्थापित करने के लिए भारतीय संविधान  सभा ने 1949 में इसे अपनाया था और 26 जनवरी 1950 में इसे लागू करके भारत एक लोकतांत्रिक देश बन गया था। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना 26 जनवरी को हुई थी। इसलिए गणतंत्र दिवस की स्थापना 26 जनवरी के दिन की गई थी। हमारा देश इसके साथ ही विश्व के सबसे बड़े प्रजातंत्र देश बन गया था।
  • भारत के लिए गणतंत्र दिवस केवल एक पर्व नहीं, बल्कि गौरव और सम्मान है। यह दिवस हर भारतीय का अभिमान है, अनगिनत लोगों की कुर्बानी के बाद भारत मां को 15 अगस्त 1947 को आजादी मिली थी, लेकिन उसे स्वतंत्रता का आकार 26 जनवरी 1950 को मिला, क्योंकि इसी दिन हमारा संविधान लागू हुआ था।
  • गणतंत्र का अर्थ है देश में सभी देशवासियों के लिए समान व्यवस्था और कानून स्थापित करना। हमारे देश में सभी धर्मों को, संप्रदायों को समान अधिकार और स्थान दिया गया है। हम सभी के लिए 26 जनवरी एक गौरव पूर्ण दिन है। 15 अगस्त 1947 को हमारा देश अंग्रेजों से आजाद हुआ था। हमारे देश में राष्ट्रपति सर्वोच्च शासक होता है।
  • भारत का संविधान एक लिखित संविधान है। हमारे संविधान को बनने में 2 साल 11 महीने और 18 दिन का समय लगा था। 395 अनुच्छेदों और 8 अनुसूचियों के साथ भारतीय संविधान दुनिया में सबसे बड़ा लिखित संविधान है। 26 जनवरी 1950 को डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने गवर्नमेंट हाउस के दरबार हॉल में भारत के पहले राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी। भारत के पहले गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि इंडोनेशिया के राष्ट्रपति सुकर्णो थे।


  • लॉर्ड माउंटबेटन को हटाकर 26 जनवरी 1950 को डॉ राजेंद्र प्रसाद को हमारे देश का राष्ट्रपति बनाया गया था। हमारे देश के महान नेता और स्वतंत्रता सेनानी महात्मा गांधी, भगत सिंह,चन्द्रशेखर आजाद, लाला लाजपत राय, सरदार वल्लभ भाई पटेल, लाल बहादुर शास्त्री आदि हैं। भारत को एक आजाद देश बनाने के लिए इन लोगों ने अंग्रेजों के खिलाफ लगातार लड़ाई लड़ी। अपने देश के लिए हम इनके समर्पण को कभी नहीं भूल सकते हैं। हमें ऐसे महान अवसरों पर इन्हें याद करते हुए सलामी देनी चाहिए। केवल इन लोगों की वजह से ये मुमकिन हुआ कि हम अपने दिमाग से सोच सकते हैं और बिना किसी दबाव के अपने राष्ट्र में मुक्त होकर रह सकते हैं।
  • डॉ. अब्दुल कलाम ने कहा है कि अगर एक देश भ्रष्टाचार मुक्त होता है तो सुंदर मस्तिष्क का एक राष्ट्र बनता है। उनका मानना था कि 3 प्रधान सदस्य हैं, जो अंतर पैदा कर सकते हैं। वे हैं- माता, पिता और एक गुरु। भारत के एक नागरिक के रूप में हमें इसके बारे में गंभीरता से सोचना चाहिए और अपने देश को आगे बढ़ाने के लिए सभी मुमकिन प्रयास करना चाहिए। हमें जिम्मेदारी लेनी चाहिए तथा सामाजिक मुद्दों जैसे गरीबी, बेरोजगारी, अशिक्षा, ग्लोबल वॉर्मिंग, असमानता आदि से अवगत रहना चाहिए और अपने स्तर पर योगदान देना चाहिए।

गणतंत्र दिवस भाषण | Speech in Republic day in Hindi - 3

सम्मानीय प्रधानाचार्य, अध्यापक, अध्यापिकाएं, मेरे सहपाठियों को सुबह की नमस्ते। मेरा नांम.......। मैं कक्षा.......में पढ़ता/पढ़ती हूँ। मैं आपके सामने गणतंत्र दिवस पर भाषण दे रहा/रही हूँ। मैं अपने कक्षा अध्यापक की बहुत आभारी हूँ कि उन्होंने मुझे गणतंत्र दिवस के इस महान अवसर पर अपने विचार रखने का मौका दिया।


  • मेरे प्यारे मित्रों, हम इस राष्ट्रीय उत्सव को हर साल संविधान निर्माण की याद और इसके सम्मान में मनाया जाता है। ये सभी स्कूलों और कॉलेजों में शिक्षक और विद्यार्थियों द्वारा मनाया जाता है, हांलाकि, पूरे देश के सभी राज्यों के सरकारी कार्यालयों और अन्य संस्थानों में भी मनाया जाता है। मुख्य कार्यक्रम, भारत के राष्ट्रपति और दूसरे देश के आमंत्रित मुख्य अतिथि के सामने राष्ट्रीय राजधानी, नई दिल्ली, राजपथ, इंडिया गेट पर होता है। एक भव्य समारोह परेड भारत के लिये अपनी कृतज्ञता प्रदर्शित करने के लिये राजपथ पर आयोजित की जाती है।

  • इस दिन पर, भारत का संविधान 1950 में अस्तित्व में आया था, हांलाकि, इसे संविधान सभा के द्वारा 26 नवम्बर 1949 को ग्रहण किया गया था। 26 जनवरी को, 1930 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के द्वारा भारत को पूर्ण स्वराज्य घोषित किया गया था यही कारण है कि 26 जनवरी को ही भारत के संविधान को लागू करने के लिये चुना गया। इसके क्रियाशील होने के बाद, भारतीय संघ, आधिकारिक रुप से इसी समय से भारत गणतंत्र राज्य हो गया जिसने भारतीय सरकार अधिनियम 1935 को मौलिक सरकार कागजातो से प्रतिस्थापित कर दिया। हमारा देश संविधान के द्वारा समप्रभु, धर्मनिरपेक्ष, समाजवादी और लोकतांत्रिक गणतंत्र घोषित कर दिया गया। हमारा संविधान भारत के नागरिकों के बीच न्याय, स्वतंत्रता और सम्मान को सुनिश्चित करता है।


  • हमारे संविधान का प्रारुप संविधानिक सभा (389 सदस्य) द्वारा बनाया गया था। इसके निर्माण में लगभग तीन साल (वास्तव में, 2 साल, 11 महीने और 18 दिन) लगे थे। संविधान सभा के द्वारा 1947 में, 29 अगस्त को, डॉ. भीम राव अम्बेडकर की अध्यक्षता में प्रारुप समिति का निर्माण किया था। प्रारुप समिति के मुख्य सदस्य डॉ.भीम राव अम्बेडकर, जवाहर लाल नेहरु, गणेश वासुदेव मालवांकर, सी.राजगोपालचार्य जी, संजय पाखे, बलवंत राय मेहता, सरदार वल्लभभाई पटेल, कैन्हया लाल मुंशी, राजेन्द्र प्रसाद, मौलाना अब्टुस कलाम आजाद, नालिनी रजन घोष, श्यामा प्रसाद मुखर्जी और संदीप कुमार पटेल थे। प्रारुप समिति के सभी सदस्यों में से लगभग 30 से ज्यादा सदस्य अनुसूचित जाति से थे। समिति की कुछ महत्वपूर्ण महिलाएं सरोजनी नायडू, राजकुमारी अमृत कौर, दुर्गा देवी देशमुख, हंसा मेहता और विजय लक्ष्मी पंड़ित थी। भारत का संविधान नागरिकों को खुद की सरकार चुनने के लिये अधिकार देता है।


  • भारत को 15 अगस्त 1947 को आजादी मिली थी, हांलाकि, संविधान को ग्रहण करने के बाद ये सम्प्रभु, लोकतांत्रिक और गणतंत्र बना था। राष्ट्रीय राजधानी में, राष्ट्रीय तिरंगे को 21 तोपो की सलामी दी जाती है और इसके बाद राष्ट्रीयगान जन-गण-मन गाया जाता है। भारत के राष्ट्रपति और मुख्य अतिथि के सामने भारतीय सेना के द्वारा आयोजित की जाती है। स्कूल के बच्चे भी परेड में भाग लेकर नृत्य और गाने के माध्यम से अपनी कलात्मकता को प्रदर्शित करते हैं। भारत की विविधता में एकता दिखाने के लिये ये राजपथ पर राज्यों के अनुसार झांकियों को शामिल करता है।

धन्यवाद, जय हिन्द

गणतंत्र दिवस भाषण | Speech for Republic day in Hindi - 4

मान्यवर अतिथिगण, प्रधानाचार्य, अध्यापक, अध्यापिकाएं, मेरे सीनियर और मेरे सहपाठी, सुबह की नमस्ते। मेरा नाम.......। मैं कक्षा....में पढ़ती/पढ़ता हूँ। अपने इस महान उत्सव गणतंत्र दिवस पर भाषण देना मेरे लिये बहुत सौभाग्य की बात है। सबसे पहले, मैं अपने कक्षा अध्यापक को इस महान भारतीय गणतंत्र दिवस के अवसर पर मुझे बोलने का मौका देने के लिये हार्दिक अभिनंदन करती/करता हूँ।
  • मेरे प्रिय साथियों, हम आज यहाँ अपने राष्ट्र का सबसे विशेष उत्सव मनाने के लिये एकत्र हुये हैं। आज हम सभी अपने राष्ट्र का 71वां गणतंत्र दिवस मना रहें हैं। हम प्रति वर्ष 26 जनवरी को भारतीय संविधान के लागू होने और भारत को एक गणतंत्र देश के रुप में घोषित होने के कारण गणतंत्र दिवस मनाते हैं।

  • मुझे भारत का नागरिक होने पर बहुत गर्व है। इस दिन पर, हम अपने गणतंत्र देश के लिये दिल से सम्मान प्रदर्शित करने के लिये भारत के राष्ट्रीय ध्वज को फहराते और राष्ट्रीय गान गाते हैं। ये पूरे देश में स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, शैक्षिण संस्थाओं, बैंको और भी बहुत से स्थानों पर मनाया जाता है। 26 जनवरी, 1950 को भारतीय संविधान लागू हुआ था। 1947 से 1950 के बीच का समय परिवर्तन का समय था और किंग जार्ज प्रथम राज्य के प्रमुख वहीं लार्ड मांउटबेटेन और सी. राजगोपालचार्य जी भारत के गवर्नर बने थे।


  • भारत सरकार अधिनियम 1935 को भारतीय संविधान के 26 जनवरी 1950 के अस्तिस्व में आने के बाद भारत के सरकारी कागजातों के रुप में रख दिया था। 1949 में भारत के संविधान को संवैधानिक समिति द्वारा 26 नवम्बर को ग्रहण किया गया था हांलाकि इसे लोकतांत्रिक सरकारी प्रणाली के साथ बाद में 1950 को देश को एक पूरा तरह से स्वतंत्र गणराज्य के रुप में घोषित किया गया था। 26 जनवरी को विशेष रुप से इसलिये चुना गया क्योंकि इस समान दिन पर 1930 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने भारतीय स्वतंत्रता अर्थात् पूर्ण स्वराज्य घोषित किया था। 1950 में, संविधान को ग्रहण करने बाद, गणतंत्र भारत के पहले राष्ट्रपति, राजेन्द्र प्रसाद बने थे।
  • भारतीय सेनाओं (सभी तीनों सेनाओं द्वारा) राष्ट्रीय राजधानी (नई दिल्ली) के साथ-साथ देश के राज्यों की राजधानियों में भी एक भव्य परेड का आयोजन किया जाता है। राष्ट्रीय राजधानी की परेड रायसीना हिल (राष्ट्रपति भवन के पास, भारतीय राष्ट्रपति का आधिकारिक निवास स्थान) से शुरु होकर और राजपथ से होते हुये पुराने इंडिया गेट पर समाप्त होती है। भारतीय सेना के साथ, देश के राज्य भी अपने देश की संस्कृति और परंपराओं को दिखाने के लिये परेड में भाग लेते हैं। इस दिन पर, हमारा देश, मुख्य अतिथि (किसी दूसरे देश के राजा, प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति) को 26 जनवरी पर “अतिथि देवो भव” की परंपरा को निभाते हुये आमंत्रित करता है। भारत के राष्ट्रपति, भारतीय सेनाओं के कमांडर-इन-चीफ, भारतीय सेनाओं द्वारा सलामी लेते हैं। भारत के प्रधानमंत्री, अमर जवान ज्योति, इंडिया गेट पर शहीद हुये भारतीय सैनिकों को पुष्प अर्पित करके श्रद्धाजंलि देते हैं। गणतंत्र दिवस का उत्सव 29 जनवरी तक लगातार जारी रहता है जो बीटिंग रिट्रीट समारोह के साथ समाप्त होता है। इस दिन पर, प्रत्येक भारतीय संविधान के लिये अपनी/अपना सम्मान प्रदर्शित करते हैं।

जय हिन्द, जय भारत

गणतंत्र दिवस भाषण | Republic Day Speech in Hindi- 5

आदरणीय प्रिंसिपल सर, सभी शिक्षकगण, सहपाठियों और अभीभावकों को मेरा नमस्कार। मैं आप सभी का हार्दिक अभिनन्दन करता हूँ। मेरा नाम…..है. मैं कक्षा… में अध्ययन करता हूं।


  • मैं आप सबको इस खास अवसर के बारे में कुछ जानकारी देता हूं। आज हम सभी अपने राष्ट्र का 71वां गणतंत्र दिवस मना रहें हैं। 1947 में भारत की आजादी के ढाई साल बाद इसको मनाने की शुरुआत सन् 1950 से हुई। हम इसे हर वर्ष 26 जनवरी को मनाते हैं क्योंकि इसी दिन भारत का संविधान अस्तित्व में आया था। 1947 में ब्रिटिश शासन से आजादी पाने के बाद, भारत एक स्व-शासित देश नहीं था आर्थात् एक संप्रभु राज्य नहीं था। भारत एक स्व-शासित देश बना जब 1950 में इसका संविधान लागू हुआ।

  • भारत एक लोकतांत्रिक देश है जिसका यहाँ पर शासन करने के लिये कोई राजा या रानी नहीं है हालांकि यहाँ की जनता यहाँ की शासक है। इस देश में रहने वाले हरेक नागरिक के पास बराबर का अधिकार है, बिना हमारे वोट के कोई भी मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री नहीं बन सकता है। देश को सही दिशा में नेतृत्व प्रदान करने के लिये हमें अपना सबसे अच्छा प्रधानमंत्री या कोई भी दूसरा नेता चुनने का ह़क है। हमारे नेता को अपने देश के पक्ष में सोचने के लिये पर्याप्त दक्षता होनी चाहिये। देश के सभी राज्यों, गाँवों और शहरों के बारे में उसको एक बराबर सोचना चाहिये जिससे नस्ल, धर्म, गरीब, अमीर, उच्च वर्ग, मध्यम वर्ग, निम्न वर्ग, अशिक्षा आदि के बिना किसी भेदभाव के भारत एक अच्छा विकसित देश बन सकता है।
  • देश के पक्ष में हमारे नेताओं को प्रभुत्वशाली प्रकृति का होना चाहिये जिससे हर अधिकारी सभी नियमों और नियंत्रकों को सही तरीके से अनुसरण कर सकें। इस देश को एक भष्ट्राचार मुक्त देश बनाने के लिये सभी अधिकारियों को भारतीय नियमों और नियामकों का अनुगमन करना चाहिये। “विविधता में एकता” के साथ केवल एक भष्टाचार मुक्त भारत ही वास्तविक और सच्चा देश होगा। हमारे नेताओं को खुद को एक खास व्यक्ति नहीं समझना चाहिये, क्योंकि वो हम लोगों में से ही एक हैं और देश को नेतृत्व देने के लिये अपनी क्षमता के अनुसार चयनित होते हैं। एक सीमित अंतराल के लिये भारत के लिये अपनी सच्ची सेवा देने के लिये हमारे द्वारा उन्हें चुना जाता है। इसलिये, उनके अहम और सत्ता और पद के बीच में कोई दुविधा नहीं होनी चाहिये।

  • भारतीय नागरिक होने के नाते, हम भी अपने देश के प्रति पूरी तरह से जिम्मेदार हैं। हमें अपने आपको नियमित बनाना चाहिये, ख़बरों को पढ़ें और देश में होने वाली घटनाओं के प्रति जागरुक रहें, क्या सही और गलत हो रहा है, क्या हमारे नेता कर रहें हैं और सबसे पहले क्या हम अपने देश के लिये कर रहें हैं। पूर्व में, ब्रिटिश शासन के तहत भारत एक गुलाम देश था जिसे हमारे हजारों स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदानों के द्वारा बहुत वर्षों के संर्घषों के बाद आजादी प्राप्त हुई। इसलिये, हमें आसानी से अपने सभी बहुमूल्य बलिदानों को नहीं जाने देना चाहिये और फिर से इसे भ्रष्टाचार, अशिक्षा, असमानता और दूसरे सामाजिक भेदभाव का गुलाम नहीं बनने देना है। आज का दिन सबसे बेहतर दिन है जब हमें अपने देश के वास्तविक अर्थ, स्थिति, प्रतिष्ठा और सबसे जरुरी मानवता की संस्कृति को संरक्षित करने के लिये प्रतिज्ञा करनी चाहिये।

धन्यवाद, जय हिन्द

गणतंत्र दिवस भाषण | Speech on Republic Day - 6

आदरणीय प्रिंसिपल सर, सभी शिक्षकगण, सहपाठियों और अभीभावकों को मेरा नमस्कार। मैं आप सभी का हार्दिक अभिनन्दन करता हूँ। मेरा नाम…..है. मैं कक्षा… में अध्ययन करता हूं।


  • जैसा कि हम सभी जानते हैं कि हम सभी यहाँ अपने राष्ट्र का 71वां गणतंत्र दिवस मनाने के लिये एकत्रित हुए हैं। ये हम सभी के लिये बेहद शुभ अवसर है। 1950 से, हम गणतंत्र दिवस को हर वर्ष ढ़ेर सारे हर्ष और खुशी के साथ मनाते हैं। उत्सव की शुरुआत के पहले, हमारे मुख्य अतिथि देश के राष्ट्रीय ध्वज़ को फहराते हैं। इसके बाद हम सभी खड़े होते हैं और राष्ट्र-गान गाते हैं जो कि भारत की एकता और शांति का प्रतीक है। हमारा राष्ट्र-गान महान कवि रबीन्द्रनाथ टैगोर द्वारा लिखा गया है।


  • हमारे राष्ट्रीय ध्वज़ में तीन रंग और 24 बराबर तीलियों के साथ मध्य में एक चक्र है। भारतीय राष्ट्रीय ध्वज़ के सभी तीन रंगों का अपना अर्थ है। सबसे ऊपर का केसरिया रंग हमारे देश की मजबूती और हिम्मत को दिखाता है। मध्य का सफेद रंग शांति को प्रदर्शित करता है जबकि सबसे नीचे का हरा रंग वृद्धि और समृद्धि को इंगित करता है। ध्वज़ के मध्य में 24 बराबर तीलियों वाला एक नेवी नीले रंग का चक्र है जो महान राजा अशोक के धर्म चक्र को प्रदर्शित करता है।


  • हम 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाते हैं क्योंकि 1950 में ही इस दिन भारतीय संविधान अस्तित्व में आया था। गणतंत्र दिवस उत्सव में, इंडिया गेट के सामने नयी दिल्ली में राजपथ़ पर भारत की सरकार द्वारा एक बड़ा आयोजन किया जाता है। हर साल, इस उत्सव की चमक को बढ़ाने के साथ ही “अतिथि देवो भव:” के कथन के उद्देश्य को पूरा करने के लिये एक मुख्य अतिथि (देश के प्रधानमंत्री) को बुलाया जाता है। भारतीय सेना इस अवसर पर परेड के साथ ही राष्ट्रीय ध्वज़ को सलामी देती है। भारत में विविधता में एकता को प्रदर्शित करने के लिये अलग-अलग राज्यों के द्वारा भारतीय संस्कृति और परंपरा की एक बड़ी प्रदर्शनी भी दिखायी जाती है।


धन्यवाद, जय हिन्द

गणतंत्र दिवस भाषण |long Speech for Republic Day - 7

सर्वप्रथम मैं आप सभी का हार्दिक अभिनंदन करती हूँ और आभार व्यक्त करती हूँ जो मुझे इस पावन बेला पर दो शब्द बोलने का मौका मिला। मै यहाँ उपस्थित सभी गुरुजनों और अभिभावक-गणों को प्रणाम कर अपनी बात को आगे बढ़ाने की आज्ञा चाहती हूँ।


  • हम सब यहाँ  अपने 71वें गणतंत्र दिवस को मनाने के लिए एकत्र हुए है। हमारा देश त्योहारों का देश है। यहाँ हर महीने में दो-चार त्योहार पड़ते ही रहते है। लेकिन उनमें से भी तीन पर्व सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है, जिसे राष्ट्रीय पर्व कहा जाता है। 26 जनवरी, 15 अगस्त और 2 अक्टूबर को, क्रमशः गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस और गांधी जयन्ती, राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाते है।


  • आज ही के दिन हमारा देश पूर्ण गणतंत्र राष्ट्र घोषित हुआ था। आजादी की लंबी लड़ाई और लाखों कुर्बानियों के बाद 15 अगस्त 1947 को हमारा देश स्वतंत्र हुआ। परंतु ये आजादी अधूरी थी; उस समय हमारा देश कई टुकड़ो में बटा था, जिसे एक करना देश की सबसे बड़ी चुनौती थी।
  • हमारे देश के पास अपना कोई लिखित संविधान नहीं था। बिना अनुशासन के किसी का भी विकास संभव नही। चाहे व्यक्ति हो या देश। इस बात को ध्यान में रखते हुए संविधान सभा का गठन हुआ, जिसमें 299 सदस्य थे। इसकी अध्यक्षता डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने की थी। इसकी पहली बैठक 1946 के दिसंबर महीने में हुई थी। और 2 साल 11 महिने 18 दिनो में अन्ततः 26 नवंबर 1949 को बनकर तैयार हुआ। 26 जनवरी 1950 को पूरे देश में लागू कर दिया गया। इसके पीछे भी ऐतिहासिक कहानी है, यूं हि इस दिन को गणतंत्र दिवस के लिए नहीं चुना गया। इसके पीछे बहुत बड़ा कारण है। आज ही के दिन, 26 जनवरी 1930 में लाहौर अधिवेशन में कांग्रेस ने रावी नदी के तट पर पूर्ण स्वराज की घोषणा की थी।
  • हमारा संविधान दुनिया का सबसे बड़ा लिखित संविधान है, जिसे अलग-अलग देशो के संविधानों को पढ़ने के बाद, उनकी अच्छी-अच्छी बातों को ग्रहण किया गया है। संविधान पर सबसे ज्यादा प्रभाव भारत सरकार अधिनियम 1935 का पड़ा। हमारे 395 अनुच्छेदों में से 250 तो इसी से लिया गया है। ‘संसदीय व्यवस्था’ ब्रिटेन से, ‘मूल अधिकार’ अमेरिका से, ‘राष्ट्रपति की निर्वाचन पध्दति’ आयरलैंड से, ‘गणतंत्रीय ढाँचा’ और ‘स्वतंत्रता समता बंधुत्व’ फ्रांस से, ‘समवर्ती सूची’ आस्ट्रलिया से, ‘आपातकाल’ जर्मनी से, ‘राज्यसभा’ दक्षिण अफ्रीका से, सोवियत संघ से ‘प्रस्तावना’ लिया गया है।
  • यह सब तो हुई निर्माण की बातें। अब चलते-चलते संविधान में है क्या, इस बारे में चर्चा कर लेते है।  मूल संविधान में 395 अनुच्छेद, 22 भाग और 8 अनुसूचियां थी। हमारा देश संसदीय कार्य-प्रणाली पर आधारित है, जिसका प्रमुख संसद है, अर्थात देश की शासन-प्रणाली का सर्वोच्च संसद है। संसद के तीन भाग है- लोकसभा, राज्यसभा और राष्ट्रपति। वर्तमान में 395 अनुच्छेद, 22 भाग और 12 अनुसूचियां है।


  • इस मौके पर राजपथ पर परेड की जाती है। सुबह 8 बजे के करीब राष्ट्रपति झण्डारोहण करते हैं और तीनों सेनाओं की सलामी लेते है। उसके बाद तीनों सेना अपनी-अपनी शक्तियों का प्रदर्शन करते हैं, और आकाश में करतब दिखाते है। अलग-अलग राज्य भी अपनी-अपनी विशेषता लिए झाँकी निकालते है।आज इस पावन मौके पर ब्राजील के राष्ट्रपति ‘जायर बोलोनसरो’ पधारे हैं जो प्रधानमंत्री जी के न्यौते पर भारत की महिमा देखनें आए हैं। इसी बहाने पूरा विश्व हमारी शक्ति से वाक़िफ होता है।
  • हमारे देश के महानायको नें हमें आजादी दिलाकर और संविधान बनाकर अपनी जिम्मेदारी निभा दी है। लोकतंत्र में लोगों का तंत्र होता है, जनता ही जनार्दन होती है। इसलिए हमारा ये मौलिक कर्तव्य बनता है कि हम अपने देश के तंत्र और संविधान की रक्षा और सम्मान करें। इन्ही शब्दों के साथ मैं अपनी वाणी को विराम देती हूँ। 
जय हिन्द, जय भारत!

गणतंत्र दिवस भाषण |Best Speech for Republic day in Hindi for class- 8

आदरणीय प्रिंसिपल सर, सभी शिक्षकगण, सहपाठियों और अभीभावकों को मेरा नमस्कार। मैं आप सभी का हार्दिक अभिनन्दन करता हूँ। मेरा नाम…..है. मैं कक्षा… में अध्ययन करता हूं। आज हम सभी

“गणतंत्र दिवस” मनाने के लिए यहाँ एकत्रित हुए हैं। हमारे देश में यह 26 जनवरी के दिन मनाया जाता है।


  • आज, हमारे राष्ट्र के 71वें गणतंत्र दिवस को मनाने के लिये हम सभी यहाँ पर एकत्रित हुए हैं। हम सभी के लिये ये एक महान और शुभ अवसर है। हमें एक-दूसरे को बधाई देना चाहिये और अपने राष्ट्र के विकास और समृद्धि के लिये भगवान से दुआ करनी चाहिये। हर वर्ष 26 जनवरी को भारत में हम गणतंत्र दिवस मनाते हैं क्योंकि इसी दिन भारत का संविधान लागू हुआ था।


  • हमलोग 1950 से ही लगातार भारत का गणतंत्र दिवस मना रहें हैं क्योंकि 26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान लागू हुआ था।  भारत एक लोकतांत्रिक देश है जहां देश के नेतृत्व के लिये अपने नेता को चुनने के लिये जनता अधिकृत है। डॉ राजेन्द्र प्रसाद भारत के पहले राष्ट्रपति थे। 1947 में ब्रिटिश शासन से


  • जब से हमने स्वतंत्रता प्राप्त की है, हमारे देश ने बहुत विकास किया है और ताकतवर देशों में गिना जाने लगा है। विकास के साथ, कुछ कमियाँ भी खड़ी हुई हैं जैसे असमानता, गरीबी, बेरोज़गारी, भ्रष्टाचार, अशिक्षा आदि। अपने देश को विश्व का एक बेहतरीन देश बनाने के लिये समाज में ऐसे समस्याओं को सुलझाने के लिये हमें आज प्रतिज्ञा लेने की जरुरत है।


  • सभी भारतवासी 26 जनवरी का दिन बहुत ही खुशी और उल्लास से मनाते हैं। देश की राजधानी दिल्ली में अनेक कार्यक्रम इस दिन मनाए जाते हैं। भारत के प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और अन्य नेता देश को संबोधित करते हैं। स्कूल के बच्चे अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करते हैं। रंगारंग कार्यक्रम दर्शकों का मन मोह लेता है।
  • इस दिन दिल्ली में राष्ट्रपति की राजकीय सवारी निकाली जाती है। भारत की तीनों सेना – नौ सेना, थल सेना और वायु सेना की टुकड़ी यहाँ मार्च करती है और लाल किले पहुंचती है। इस दिन सार्वजनिक समारोह में तरह तरह की झांकियां दिखाई जाती हैं जो लोगों का मनोरंजन करती हैं।


  • 26 जनवरी के दिन शाम को नई दिल्ली में आतिशबाजी होती है आसमान में चारो तरफ रंगारंग आतिशबाजी होती है। राष्ट्रपति भवन को दुल्हन की तरह सजाया जाता है। 26 जनवरी के दिन देश के सभी गांव और शहरों में स्कूल कॉलेजों में रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाते हैं। हमारे शिक्षक के इस दिन के महत्व के बारे में बताते हैं।
  • हमारे देश के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री सभी देशवासियों को एकजुटता और आपसी प्रेमभाव से रहने की सलाह देते हैं। भारत में अनेकता में एकता पाई जाती है। देश में सभी धर्मों के लोग पूजा कर सकते हैं। अपने धर्मो का पालन कर सकते हैं। किसी पर कोई भी पाबंदी नहीं है। सभी को पूरी तरह स्वतंत्रता प्राप्त है। इस दिन स्कूल कॉलेज में मिठाइयां बांटी जाती हैं। बच्चों को 26 जनवरी के महत्व के बारे में बताया जाता है। हमारे शिक्षक इस दिन के बारे में बताते है। 
  • डॉक्टर भीमराव अंबेडकर, वल्लभ भाई पटेल, डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद, मौलाना अबुल कलाम आजाद और पंडित जवाहरलाल नेहरू को संविधान सभा का सदस्य बनाया गया था। संविधान सभा ने ही हमारे देश का कानून बनाया है। संविधान निर्माण में कुल 22 समितियों ने योगदान दिया है। डॉ अंबेडकर ने 2 वर्ष 11 माह 18 दिन में भारत का संविधान बनाया है।
  • 26 जनवरी के दिन देश की राजधानी नई दिल्ली में भारतीय राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाता है। सभी लोग बड़े सम्मान के साथ खड़े होकर राष्ट्रगान का सम्मान करते हैं। दिल्ली में बहुत से भव्य कार्यक्रम योजित किए जाते हैं। इंडिया गेट से राष्ट्रपति भवन तक एक भव्य परेड निकाली जाती है।
  • रेजिमेंट, नौसेना, वायु सेना के सैनिक इसमें हिस्सा लेते हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) के बच्चे भी इसमें प्रतिभाग करते हैं। हमारे देश के प्रधानमंत्री इंडिया गेट पर स्थित “अमर जवान ज्योति” पर पुष्प माला डालकर शहीद सैनिकों का सम्मान करते हैं।
  • सभी शहीद सैनिकों की याद में 2 मिनट का मौन रखा जाता है। हमारे देश को स्वतंत्र करने में बहुत से लोगों ने बलिदान दिया है। अनेक देशभक्तों ने अपनी जान न्योछावर कर दी। प्रधानमंत्री सभी का आभार प्रकट करते हैं। दिल्ली में होने वाली परेड में विभिन्न राज्यों की झांकियां लगती है। सभी राज्यों की लोकगीत और कला का प्रदर्शन किया जाता है।


  • इस दिन विदेशों से बहुत से मेहमान और राजनेता आते हैं। कंबोडिया, लाओस मलेशिया, सिंगापुर, इंडोनेशिया, सिंगापुर, थाईलैंड समेत 10 ASIAN देश के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति मुख्य अतिथि के रुप में हैं। इसके अलावा भूटान, फ्रांस रूस, सऊदी अरेबिया, ब्राज़ील, मॉरिशस, अल्जीरिया, नाजीरिया, नेपाल, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका, सिंगापुर के राष्ट्रपति प्रधानमंत्री और मुख्य राजनेताओं को बुलाया जाता है। हमारे देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी अपने रेडियो कार्यक्रम “मन की बात” में भी गणतंत्र दिवस के बारे में बताते हैं आशा है आपको मेरा भाषण पसंद आया होगा।

अंत में कहूँगा की इन्ही शब्दों के साथ मैं अपना भाषण समाप्त करता हूँ। धन्यवाद!
republic day poem

गणतंत्र दिवस पर कविता भी पढ़ सकते हैं | Also May You Can Read Poems on Republic Day

गणतंत्र दिवस पर कविता : Poem Republic Day -1

आओ तिरंगा लहराये, आओ तिरंगा फहराये;
अपना गणतंत्र दिवस है आया, झूमे, नाचे, खुशी मनाये।

अपना 71वाँ गणतंत्र दिवस खुशी से मनायेगे;
देश पर कुर्बान हुये शहीदों पर श्रद्धा सुमन चढ़ायेंगे।

26 जनवरी 1950 को अपना गणतंत्र लागू हुआ था,
भारत के पहले राष्ट्रपति, डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने झंड़ा फहराया था,

मुख्य अतिथि के रुप में सुकारनो को बुलाया था,
थे जो इंडोनेशियन राष्ट्रपति, भारत के भी थे हितैषी,

था वो ऐतिहासिक पल हमारा, जिससे गौरवान्वित था भारत सारा।
विश्व के सबसे बड़े संविधान का खिताब हमने पाया है,

पूरे विश्व में लोकतंत्र का डंका हमने बजाया है।
इसमें बताये नियमों को अपने जीवन में अपनाये,

थाम एक दूसरे का हाथ आगे-आगे कदम बढ़ाये।
आओ तिरंगा लहराये, आओ तिरंगा फहराये,
अपना गणतंत्र दिवस है आया, झूमे, नाचे, खुशी मनाये।

गणतंत्र दिवस पर कविता : (26 जनवरी है आयी) Poem on Republic Day-2

देखो 26 जनवरी है आयी, गणतंत्र की सौगात है लायी।
अधिकार दिये हैं इसने अनमोल, जीवन में बढ़ सके बिन अवरोध।

हर साल 26 जनवरी को होता है वार्षिक आयोजन,
लाला किले पर होता है जब प्रधानमंत्री का भाषन,

नयी उम्मीद और नये पैगाम से, करते है देश का अभिभादन,
अमर जवान ज्योति, इंडिया गेट पर अर्पित करते श्रद्धा सुमन,

2 मिनट के मौन धारण से होता शहीदों को शत-शत नमन।
सौगातो की सौगात है, गणतंत्र हमारा महान है,

आकार में विशाल है, हर सवाल का जवाब है,
संविधान इसका संचालक है, हम सब का वो पालक है,

लोकतंत्र जिसकी पहचान है, हम सबकी ये शान है,
गणतंत्र हमारा महान है, गणतंत्र हमारा महान है।

गणतंत्र दिवस पर कविता: Poem for Republic Day-3


जब सूरज संग हो जाए अंधियार के, तब दीये का टिमटिमाना जरूरी है |
जब प्यार की बोली लगने लगे बाजार में, तब प्रेमी का प्रेम को बचाना जरूरी है |

जब देश को खतरा हो गद्दारों से, तो गद्दारों को धरती से मिटाना जरूरी है |
जब गुमराह हो रहा हो युवा देश का, तो उसे सही राह दिखाना जरूरी है |

जब हर ओर फैल गई हो निराशा देश में, तो क्रांति का बिगुल बजाना जरूरी है |
जब नारी खुद को असहाय पाए, तो उसे लक्ष्मीबाई बनाना जरूरी है |

जब नेताओं के हाथ में सुरक्षित न रहे देश, तो फिर सुभाष का आना जरूरी है |
जब सीधे तरीकों से देश न बदले, तब विद्रोह जरूरी है ||

जय हिंद जय भारत

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